Wednesday, 11 April 2018

सेक्स एडिक्शन क्या है और इस से कैसे बचें?

 
जब किसी इंसान की कामुक इच्‍छाएं उसके नियंत्रण से बाहर चली जाएं और वह चाहकर भी अपनी इच्‍छाओं को छुपा ना पाए, तो वह सेक्स एडिक्ट कहलाता है. हालांकि सेक्स एडिक्ट व्यक्ति को शारीरिक तौर पर कोई खास खतरा नहीं होता लेकिन जो व्‍यक्‍ति सेक्‍स एडिक्‍ट होता है वह मानसिक रूप से कई समस्‍याओं से घिरा रहता है. सेक्स की लत का शिकार व्यक्ति अपने किसी भी काम पर दिमाग़ केन्द्रित नहीं कर पाता. वह चाहकर भी अपना ध्यान सेक्स और उससे जुड़ी बातों से हटा नहीं पाता. लेकिन इस समस्या से बचा जा सकता है.
 
 कौन होता है सेक्स एडिक्ट? 
 
विशेषज्ञों के अनुसार सेक्स एडिक्ट वो व्यक्ति होता है, जो अपने सेक्सुअल व्यावहार को काबू नहीं कर पाता हो. फिर चाहे वह लोगों के बीच में ही क्यों ना हो. इस के लक्षणों में नियमित मास्टरबेशन से भी संतुष्टि न मिलना, सिर्फ पॉर्न सामिग्री देखना व पढ़ना, कई बार सेक्स करने के बाद भी तृप्ति न होना तथा महिलाओं को लगातार घूरना आदि शामिल होते हैं. 
 
सेक्स एडिक्शन में क्या आता? 
 
ज़रूरी नहीं कि आपको सेक्स की इच्छा हो तो आप सेक्स एडिक्ट ही कहलाएं. कुछ आदतें सेक्स एडिक्शन की श्रेणी में नहीं आती हैं, जैसे नियमित रूप से मास्टरबेशन करना, कामकाज के बीच में कभी-कभार पॉर्न विडियो देखना, स्टोरी (पॉर्न नहीं) पढ़ते वक्त उसमें मौजूद अश्लील प्रदर्शन वाला फोटो देखना, पार्टनर के साथ दिन में दो बार तक सेक्स करना, भड़काऊ कपड़े पहने महिला को देखना आदि. 
 
सेक्स एडिक्‍शन के कारण
 
 विशेषज्ञों के अनुसार सेक्‍स की लत के शिकार व्‍यक्‍ति को अक्सर अपनी इस आदत के बारे में मालूम होता है. लेकिन सेक्‍स एडिक्‍ट एक जेनेटिक फैक्‍टर भी हो सकता है या कई बार व्यक्ति को माहौल ऐसा मिलता है कि वह सेक्‍स एडिक्ट बन जाता है. मुख्य रूप से सेक्स एडिक्शन के पीछे आनुवंशिक वजहें, सामाजिक वजहें, व्यावहारिक वजहें, स्ट्रेस व माहौल आदि मुख्य कारण होते हैं. 
 
डॉक्टर के पास जाएं 
 
सेक्स अडिक्शन के शिकार लोगों को तत्काल रूप से साइकॉलजिस्ट या साइकायट्रिस्ट के पास जाना चाहिए. साइकॉलजिस्ट काउंसिलिंग और बिहेवियर मॉडिफिकेशन के आधार पर सेक्‍स एडिक्‍शन का इलाज करते हैं और रोगी के विचारों में बदलाव लाने की कोशिश करते हैं. साइकायट्रिस्ट दवाओं के माध्यम से भी इलाज करता है. यदि व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार है और उसे ओसीडी और सिजोफ्रेनिया जैसी बीमारियां हैं तो उसका सायकायट्रिस्ट दवा देकर इलाज किया जाता है.