FREAKY FUNTOOSH - FLAVORED ENTERTAINMENT: March 2012

Naagin 5: Surbhi के इस Naagin Dance की ख़ूब हो रही है तारीफ़!

New Delhi: कलर्स टेलीविज़न के सुपरहिट शो  'नागिन 5' (Naagin 5) में अपनी एक्टिंग से धमाल मचाने वाली एक्ट्रेस सुरभि चंदना (Surbhi Chand...

पलकों पे बिठा लूँ तुमको


पलकों पे बिठा लूँ तुमको
आंखों में बसा लूँ तुमको
कोई ख्वाब बना लूँ तुमको
ज़रा नज़रों से नजरें तो मिलाओ
कि जीभर के प्यार कर लूँ तुमको
ऐ हसीं नजारों की मलिका
आज निगाहों का गुरुर बना लूँ तुमको
फिर कोई नज़र ना लगे इस हीरे को
की आज नुरे-नज़र बना लूँ तुमको ,,,,,,,,

ना दूध ना चाय बस दारु-सुट्टा मांगता है

                    
                         दिल तो बच्चा है जी
                    ना दूध ना चाय माँगता है जी
                              उठते सोते बस दारु-सुट्टा माँगता है जी 
                चूँकि दिल तो बच्चा है जी |

       हर गली-दौराहे-तिराहे और चौराह पर 
   गुजरती हुई कमसिन कुड़ियों को 
 पीछे से छेड़-छाड़ करता है जी 
चूँकि दिल तो बच्चा है जी |

 सफ्ताह भर से वस्त्र नहीं बदले 
चार दिन से नहाए नहीं 
और दो दिन से गए नहीं जी 
चूँकि दिल तो बच्चा है जी |

नौकरी की कोई टेंशन ना जी 
एक लौते पिताजी पोलिटिक्स में नंबर वन जी
अंडरवर्ल्ड डोन बनने को मन चाहे जी 
चूँकि दिल तो बच्चा है जी |

बायफ्रेंड्स तो पोपुलेशन है जी
बस एक सोणी-सी गर्लफ्रेंड चाहे जी
रब्बा मेल करा दे जी 
चूँकि दिल तो बच्चा है जी |










friends forever eagerly wait for friendship day





                                       heart says i miss u

                  mind says i dismiss u

                but both want only u

           either negative or positive u

         sometime heart and mind

                both say let leave u

          sometime both say so sweet u
  Its all about pass wholehearted relations

 but due to only today's dear demands u


               my heartbeat goes down for me 

               and comes up for u

               i never say i love u

                or i hate u

                  In my life somewhere fits u

                what does mean by friendship ?

                       i don't bother it,

               but at most i wish u - Pancho

उठो लल्लू दारु लाया कुल्ला कर लो



                                   उठो लल्लू
              अब आँखे खोलो
                दारू लाया
                कुल्ला कर लो
          बीती रात बहुत चड़ाई
         तुमने की ना रत्ती भर पढाई
         एक्ज़ाम का वक्त है भाई
        खोलो पोथी पुस्तक
         २-४ आखर पडलो साईं
           टॉप तो मार ना पाओगे
          चिट नहीं बनाई तो
            पास भी नहीं हो पाओगे
               होंश में आओ लल्लू
              बंद करो अब बनना उल्लू
              ओ ढर्रों पव्वों के गणपत
           अच्छी नहीं सुट्टों की लत
              फिर ना गिडगिडाना कि
              तुमने बताया नहीं दोस्त
              तुमने बताया नहीं दोस्त 
                



मेरी जान-सर्च इंजन



यु ट्यूब में नहाकर आई हो,

या देसी ठर्रा पीकर आई हो,

 गूगल गम खाकर आई हो,

या कोलावेरी डी गाकर आई हो |

                              याहू का सिर्फ यम्मी यकिन हो,

                            या कामसूत्र की कमसिन हो,

                          रेडिफ का रंगीन सीन हो,

                        या दिल्ली मेट्रो की टाइमली ट्रेन हो |

    जी मेल का जोशीला जी हो,

   या जी-वन का जवाँ जी हो,

  हसीन हॉट-हॉट फीमेल हो,

या जुर्म की तिहाड़ जेल हो |

             अकबर का आस्क डोट कॉम हो,

            या हुसैन का डक-डक गो हो,

           माइक्रोसाफ्ट का हार्ड बिंग हो,

           या गोरी गाय का सिंग हो|

                         एक्सटरनली इंटरनेट एक्स्प्लोरर हो ,

                        या चांदनी रातों का नाईटमेयर हो,

                     यिप्पी-क्लस्टी का कमाल हो,

                   या जलेबी बाई की चाल हो |

  माहालो का मिर्च- मसाला हो,

 या नए दौर की मधुबाला हो,

 डोग्पाईल का  दर्दे-डिस्को हो,

 या कूल-कूल पेप्सिको हो |

                        वेबोपेडिया जैसी कोई बीमारी हो,

                    या भारतीय स्टाइल में विदेशी नारी हो,

                   ट्विटर का टोमेटो टेस्ट हो,

                 या बिच पर बिकनी में बेस्ट हो |

                     फेसबुक का फ्रेंडशिप पेक हो,

             या स्विस बेंक का ब्लेंक चेक हो,

      तुम जैसी भी हो,जो भी हो एक मौज हो,

जोइंट एडवेंचर की नॉन स्टॉप खोज हो  ।
                               






जाने किस बरसात,बुझेगी मेरी प्यास




उसकी याद दिलाती हे ,

उसका चेहरा बताती हे,

मंद-मंद बहते हुए यूँ

गुनगुनाती हे उसका नाम,

ये ढलती हुई शाम |

उसके प्यार का विश्वाश दिलाती हे,

उसके प्यार का एहसास दिलाती हे,

चोरी-चोरी,चुपके -चुपके यूँ

मुजको सुनाती हे उसका पैगाम,

ये ढलती हुई शाम |

धीरे-धीरे से ढलती जाती हे,

उसका हर हाले दिल सुनाती हे,

कभी मै ना मिलूं उसको तो  यूँ 

मचा देती हे भयंकर कोहराम,

ये ढलती हुई शाम |

किरणों में उसकी आँखे चमकती हे,

हर तरफ सिर्फ उसकी झलक छलकती हे,

ऐसे -वैसे बलखाती,लहराती यूँ

मेरे दिल को देती हे सुकून-ओ-आराम,

ये ढलती हुई शाम |

मुज पर शबनम-सी छा जाती हे,

मुझे अपने में समाँ लेती हे ,

हर घड़ी हर पल हर लम्हा यूँ

उसकी मोहब्बत का पिलाती हे जाम,

ये ढलती हुई शाम |


वो यूँही नही भीगने लगी,उसने कुछ तो सोचा होगा


शायद बारिशों ने उसके बदन को यूँ छुआ होगा,
एहसास-ऐ-इश्क भी कोई मंजर है यारों,
उसने कुछ तो सोचा होगा,
उसने कुछ तो सोचा होगा !
शायद निगाहों ने उसे इशारा किया होगा,
ख्वाब यूहीं नहीं पलते पलकों  पे  यारों,
उसने कुछ तो सोचा होगा,
उसने कुछ तो सोचा होगा !
शायद होटों ने उसे उकसाया होगा,
मुस्कराहट यूहीं नहीं छलती यारों,
उसने कुछ तो सोचा होगा,
उसने कुछ तो सोचा होगा !
शायद गुलशन ने उसे बहकाया होगा,
क्यूँ खुशबू फ़िदा है हवाओं पे यारों,
उसने कुछ तो सोचा होगा,
उसने कुछ तो सोचा होगा !
शायद इस "अज्ञात" पर उसे विशवास होगा,
वरना राहें भी बड़ी शातिर होती है यारों,
उसने कुछ तो सोचा होगा,

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