बच्चो के परिणाम को लेकर चिंतित पेरेंट्स के लिए जरुरी टिप्स

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इन दिनों हर कोई अपने परीक्षा के परिणामो को लेकर चिंतित है, और हो भी क्यों न 10 वी और 12वी के परीक्षा परिणाम का जो समय है. कुछ राज्यों में इन परीक्षाओ के परिणाम आ चुके है और कुछ के आने वाले है. ऐसे में बच्चो के साथ-साथ माँ बाप की परेशानिया भी बढ़ जाती है,कि अगर उनके बच्चे के अच्छे नंबर न आये तो अगर वो फ़ैल हो गया तो उनकी इज्जत क्या रह जाएगी.

साथ ही बच्चे का पूरा साल भी बर्बाद होगा. फिर से उसकी फ़ीस भरना होगी. ऐसे में बच्चो के माता पिता उन पर इन दिनों दबाव बनाने लगते है कि अगर अच्छे नंबर आये तो वो अपने बच्चे को ये कोर्स कराएँगे या अगर कम मार्क्स आये तो उसके लिए दूसरी प्लानिंग होगी.

लेकिन रिजल्ट के समय बच्चो को इन सारे दबाव से दूर करना होगा. क्योकि ऐसे समय में बच्चे ज्यादा डरे हुए रहते है. और अपने आपसे विश्वास खोते जाते है और कुछ भी गलत कदम उठा लेते है जिनके परिणाम भी काफी बुरे होते है.

 

क्या करे माँ बाप 

सबसे पहले पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चो के आसपास का माहौल खुशनुमा बनाकर रखे. उसे बार बार रिजल्ट की याद न दिलाये. साथ ही अगर हो सकते तो अपने बच्चे को परीक्षा के बाद पड़ने वाली गर्मियों की छुट्टियों में कही घुमाने ले जाए. अगर बच्चा कही बाहर घूमने जाता है तो उसे अच्छा अनुभव मिलता है और वो काफी ज्यादा खुश रहता है. और अपने आप में एक विश्वास का अनुभव करता है. साथ ही अपने परीक्षा परिणाम को फेस करने के लिए अपने आप को तैयार रखता है.

 

क्या न करे

बच्चे के सामने बार बार उसके रिजल्ट का जिक्र न करे. बार बार उससे कम मार्क्स पर अपनी प्रतिक्रिया के बारे में बखान भी ना करे.क्योकि ये बात बच्चो के मन में घर कर जाती है. और वे अंदर ही अंदर घुटते जाते है और ऐसे में हो सकता है कि वे कोई गलत कदम उठा ले. वही अपने बच्चे की तुलना किसी दूसरे बच्चे से न करे. जरुरी नहीं की आपके अनुसार दूसरे बच्चे को जितने मार्क्स मिले हो वो आपके बच्चे को भी मिले. साथ ही बच्चो के प्रति अपने व्यहवार को परिवर्तित न करे, यानि उससे वैसा ही व्यहवार करे जैसा आप अब तक करते आये है. न उससे ज्यादा कड़ा व्यहवार करे और न ही अति से ज्यादा उदारता उसके प्रति दिखाए.

 

कैसे जगाये आत्मविश्वास

सबसे पहले आप अपने बच्चे को छुट्टिया इंजॉय करने की पूरी आजादी दे. उसे एंकरेज करे उसकी उपयोगिता अनुसार छुट्टियों का उपयोग करने के लिए. साथ ही उसे गर्मियों में लगने वाले समरकेम्पस में भी जाने के लिए प्रेरित करे.क्योकि बच्चा इन समर केम्पस में जीवन से जुडी अन्य बातो को सीखता है. साथ ही समर केम्पस में उसे खुद काम करना होता है. ऐसे में उसमे आत्मनिर्भरता का भी विकास होता है. साथ ही उसके कॉन्फिडेंस को बिल्डअप होने में भी सहायता मिलती है.

 

जैसा भी हो परिणाम उसका स्वागत करे 

पेरेंट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कैसी भी स्थिति हो आपके बच्चे का परिणाम कुछ भी हो आप अपने बच्चे पर ज्यादा गुस्सा न निकाले, बल्कि ऐसे समय में आप उसके प्रति अपनी भावनाये जताये उसे एंकरेज करे कि कोई बात नहीं अगली बार और मेहनत करना. ऐसे में आपका बच्चा आपकी भावनाओ को ज्यादा बेहतर तरीके से समझेगा और आपके लिए और खुद के लिए और ज्यादा मेहनत करेगा.

 

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