हैकर्स ने हैक किए 99 देशों के 75 हजार कंप्यूटर सिस्टम्स

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शुक्रवार शाम को भारत सहित दुनिया के करीब 99 देशों में उस वक़्त हड़कंप मच गया, जब करीब 99 देशों के 75 हजार कंप्यूटर सिस्टम्स को हैकर्स ने हैक कर लिया. इस साइबर हमले ने कुछ ही घंटों में पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया. इसका सबसे ज्यादा प्रभाव रूस, भारत, यूक्रेन, और ताइवान पर पड़ा.

रूस के करीब 1000 कम्प्यूटर्स इसकी चपेट में आए, जबकि भारत के आँध्रप्रदेश के 18 जिलों में इसका आसार हुआ, हालाँकि यहाँ डाटा चोरी नहीं हुआ. बता दे कि इन कंप्यूटर सिस्टम्स को हैकर्स ने रैंजमवेयर के जरिए हैक किया. इस रैंजमवेयर का नाम WanaCrypt0r 2.0 है. यह यूजर के ऑपरेटिंग सिस्टम पर हमला करता है और इसे ई-मेल के जरिए फैलाया जा रहा है.

खबर की मानें तो यह बग ‘शैडो ब्रोकर्स’ नाम के ग्रुप के मेलवेयर डंप से पैदा हुआ है. इस हमले को लेकर व्हिस्टलब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि इसके बार में नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर को पहले से सब पता था. ऐसे में अगर वो पहले ही खुलासा कर देती, जब इसे ढूंढा गया था तो इतना कुछ होता ही नहीं.

स्नोडन ने यह भी कहा कि यदि NSA विंडोज XP को अटैक करने के लिए कोई टूल बनाती है, तो उसे माइक्रोसॉफ्ट को इसके बारे में आगाह करना चाहिए. साइबर अटैक की बड़ी घटना के बाद यूके की नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर ने रैंजमवेयर हैक को रोकने के लिए उपाय बताया है. ये जानकारी ट्विट कर शेयर की गई है. आपको बता दें कि यह साइबर अटैक Windows कंप्यूटर्स में हो रहा है और खास कर उनमें जिनमें XP है.

चिंता की बात यह है कि आज भी देश के एटीएम और सरकारी दफ्तरों में विंडोज़ XP का ही उपयोग किया जाता है, ऐसे में सरकार को इन ऑपरेटिंग सिस्टम्स को अपडेट करना चाहिए. अगर आप भी इस प्रकार के हमले से बचना चाहते हो तो इसके लिए आपको माइक्रोसॉफ्ट ने एक ट्वीट के जरिए जानकारी दी है. माइक्रोसॉफ्ट ने अपने आउट-ऑफ-सपोर्ट प्रोडक्ट विंडोज़ XP, विंडोज 8 और विंडोज सर्वर 2003 के लिए Wannacry प्रोटेक्शन मुहैया करवाने की जानकारी दी है. माइक्रोसॉफ्ट ने मार्च में अपडेट किए गए सिक्योरिटी पैच को इस्तेमाल करने की सलाह दी है.

 

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